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Showing posts from 2021

अनचाहे यौन उत्पीड़न से मानसिक परेशानी का खतरा

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बिहार लीगल नेटवर्क व इजार्ड ने किया राज्य स्तर कार्यशाला का आयोजन पटना: भारत में लगभग हर महिला छेड़खानी का शिकार होती है। हमारा कानून महिलाओं को कई तरह के अधिकार देता है, लेकिन छेड़खानी, गैंगरेप, दुष्कर्म या किसी भी प्रकार के यौन हिंसा का शिकार होने पर ज्यादातर महिलायें चुप रह जाती है। कभी समाज के डर से तो कभी बदनामी के डर से अकसर ऐसी घटनाएं सामने ही नहीं आ पाती है। हमारे समाज में बहुत सारे लोग ऐसे है जो अपराधी को नहीं बल्कि जिसके साथ हिंसा हुई है उसे ही दोषी ठहरा देते है। लेकिन ऐसी घटनाओं का विरोध करना बहुत ही जरुरी है। वहीँ इस तरह की घटनाएं जिसके भी साथ होती है उसके मानसिक स्वास्थ को गहरा धक्का लग सकता है। इसी बात का ध्यान रखते हुए राजधानी के संपत्तचक प्रखंड में स्थित द इगल व्यू होटल में बिहार लीगल नेटवर्क व इजार्ड के द्वारा राज्य स्तर पर उपचारात्मक या हीलिंग कार्यशाला का आयोजन हुआ। एक दिवसीय कार्यशाला में 50 से अधिक पीड़िता ने भाग लिया जो इस परेशानी की शिकार हो चुकी थी। मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ॰ मनोज कुमार भी इस मौके पर मौजूद रहे। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए...

आठवें चरण की मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रूप से संपन्न

बिहार पंचायत चुनाव में कुछ नया करते हुए इस बार अलग और नई तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है।  बता दें कि इस बार के पंचायत चुनाव में लाइव वेबकास्टिंग की जा रही है और इसके साथ ही ईवीएम का भी इस्तमाल हो रहा है।  बिहार के बाहर पूरे देश भर में ये चर्चा का विषय बना हुआ है।  वहीँ कुछ दिनों पहले गुजरात के राज्य निर्वाचन आयुक्त संजय प्रसाद ने इस नए प्रयास की तारीफ़ भी की थी।  सिर्फ इतना ही नहीं इसके अलावा दिल्ली और चंडीगढ़ के निर्वाचन आयुक्त ने भी 24 नवम्बर को हुए आठवें चरण के मतदान और इसकी प्रक्रिया पर पूरी तरह से अपना ध्यान केन्द्रित किया था।  गौरतलब है कि आठवें चरण में कूल 25,247 पदों पर मतदान करवाया गया है।  जिनमें कूल 66,55,233 मतदाता शामिल है।  वहीँ इन 25,247 पदों पर अभ्यर्थियों की संख्या 92,376 है।  अभ्यर्थियों में कूल 42,803 पुरुष अभ्यार्थी के साथ 49,573 महिला अभ्यार्थी शामिल है।  इस चरण के चुनाव में पूरे 61.95 प्रतिशत मतदाता ने अपने मत का प्रयोग किया है।  चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बना रहने के लिए कई तरह के इंतज़ाम किये गए।  जैसे कि...

नई तकनीकों के साथ करवाया जा रहा पंचायत चुनाव

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 पंचायत चुनाव का दौर है। गाँव बिहार के लिए क्या है, इसे शब्दों में बयां करने की जरुरत नहीं है। ये तो हम सभी बचपन से ही सुनते आ रहे है कि भारत गाँवों का देश है। महात्मा गाँधी ने कहा था कि ‘भारत की आत्मा यहाँ के गाँव में बस्ती है।‘  इस बात से ही हम इस चुनाव की अहमियत का अंदाज़ा लगा सकते है। आधी से अधिक आबादी गाँव में रहती है। लोग काफी उत्साह के साथ अपना नेता चुन रहे है। गाँव की जनता अपने गाँव के पांच को कई तरह की ताकतें देती है। सिर्फ शक्तियां ही नहीं एक नेता को कई तरह की जिम्मेदारियां भी मिलती है जैसे कि सड़को का रखरखाव, स्वछता, पशुपालन व सिंचाई के साधन के साथ-साथ शिक्षा की भी ज़िम्मेदारियाँ। ग्यारह चरणों में होने वाले इस चुनाव में कई नयी चीज़ों को भी शामिल किया गया है जैसे कि पहली बार हर फेज़ के मतदान के बाद ही वोटों की गिनती की जा रहीं है। इसका मतलब ये है कि चुनाव के मात्र 48 घंटों के बाद ही विजेता अपनी जीत का जश्न मना रहे है।  वहीँ इस बार नई तकनीक के साथ चुनाव हो रहा है तो इस पर चर्चा करना भी सव्भाविक है। मालुम हो कि ये पहला मौका है जब पंचायत चुनाव में ईवीएम तकनी...

3 BEST WAYS TO MANAGE YOUR STRESS IN THIS LOCKDOWN

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3 BEST WAYS TO MANAGE YOUR STRESS IN THIS LOCKDOWN Coronavirus pandemic is hard for everyone. Stress is a common problem in this lockdown. Meeting with friends, going to our university, colleges, coaching institutions or offices were our life. Being social is a basic human need. But we all are locked in our home with the fear of coronavirus. High numbers of cases are increasing everyday and it is making everything worse. Nowadays it is hard to read newspapers or to watch television news. It is all boosting our stress. We are getting to know about our loved ones that they got infected with COVID-19. And some of us have lost our family members. But it is very important to take care about our mental health. Because there is no health without mental health. Stress harms our time, energy and health.  But the question is how to keep ourselves away from worries and stress. So here I am giving three ways to manage your stress in this lockdown. 1.) Set goals in your life ...

REALITY ABOUT COLOUR DISCRIMINATION IN INDIA

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REALITY ABOUT COLOUR DISCRIMINATION IN INDIA YOU NEED TO KNOW If we think about colour discrimination the first country which came in our mind is America and the recent case of George Floyd. How can we forget #blacklivesmatter and #noracism in all over our social media sites. It is true that America has been fighting this problem for a long time. But it is not just American thing. We cannot deny the fact that racial discrimination is a thing in India whether it is based on caste, colour or region. Today we will talk about colour discrimination in India. In the report in 2020 the Print says that the market of Indian fairness cream was nearly 3000 crore in 2019. Probably there is no girl in India who has never used a fairness cream in her life. Lot of people purchase fairness creams and shops. And they just do not care if those products are harmful for their skin just because they want a lighter skin tone. In some families it is common in India to get sad if a girl is born. B...