कपड़ों की भी अपनी अलग ही कहानी हैं। ये भी एक अलग किस्सा बयां करती है। कभी इससे हमारी संस्कृति तो कभी हमारा संस्कार झलकता है। कभी ये हमारी खूबसूरती बढ़ाती हैै तो कुछ लोग इससे दूसरों के चरित्र को भी समझ लेते है। ये ज़िन्दगी का एक हिस्सा है। ये त्योहारों की खुशी है और यही हमारे चेहरे की मुस्कान भी है। सबका अपना अपना शौक़ है और सबकी अपनी अपनी चाहत है। किसी को साड़ी और सलवार कमीज़ पसंद है तो किसी को जीन्स और टॉप पसंद है। पर जीन्स में ऐसी क्या बात है जो ये भी एक मुद्दा है? कभी किसी कॉलेज में जीन्स पहनने पर रोक लगाने की खबर आती है तो कभी किसी गांव में इसपर फतवा लग जाता है। कुछ तो बात ज़रूर होगी। या फर्क सिर्फ हमारी सोच का है? क्यों हमें साड़ी संस्कारी और जीन्स..... ख़ैर रहने देते है । (Name - Sakshi Shiva)
Bihar Board: Intermediate examination form registration date has extended. Students learning in eleventh grade will benefit by this decision. Bihar Board has announced that learning institutes can take registration from students up to 30th of December. Students can apply for registration on senioursecondary.biharboardonline.com. The fee can be submitted through an online medium. E- chalan or NEFT is also useful for paying fees. The Bihar school examination board has released a helpline number on its website. If a problem occurs during form submission students can get help. Follow these steps for registration: First, visit Bihar Board official website. Click on the registration option. Then, log in through your user’s name and password. Now registration can be done easily by giving details. Exam will be held in two shifts: Matric and inter examination will be held soon. 10th exam is from 15 January 2024. Date sheet of the exam is available online. Exams will be held in two shifts. It ...
बिहार लीगल नेटवर्क व इजार्ड ने किया राज्य स्तर कार्यशाला का आयोजन पटना: भारत में लगभग हर महिला छेड़खानी का शिकार होती है। हमारा कानून महिलाओं को कई तरह के अधिकार देता है, लेकिन छेड़खानी, गैंगरेप, दुष्कर्म या किसी भी प्रकार के यौन हिंसा का शिकार होने पर ज्यादातर महिलायें चुप रह जाती है। कभी समाज के डर से तो कभी बदनामी के डर से अकसर ऐसी घटनाएं सामने ही नहीं आ पाती है। हमारे समाज में बहुत सारे लोग ऐसे है जो अपराधी को नहीं बल्कि जिसके साथ हिंसा हुई है उसे ही दोषी ठहरा देते है। लेकिन ऐसी घटनाओं का विरोध करना बहुत ही जरुरी है। वहीँ इस तरह की घटनाएं जिसके भी साथ होती है उसके मानसिक स्वास्थ को गहरा धक्का लग सकता है। इसी बात का ध्यान रखते हुए राजधानी के संपत्तचक प्रखंड में स्थित द इगल व्यू होटल में बिहार लीगल नेटवर्क व इजार्ड के द्वारा राज्य स्तर पर उपचारात्मक या हीलिंग कार्यशाला का आयोजन हुआ। एक दिवसीय कार्यशाला में 50 से अधिक पीड़िता ने भाग लिया जो इस परेशानी की शिकार हो चुकी थी। मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ॰ मनोज कुमार भी इस मौके पर मौजूद रहे। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए...
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